क्या भारत में internet के दर फिर से बढ़ने वाले है?

 क्या भारत में internet के दर फिर से बढ़ने वाले है?

दुनिया में सबसे सस्ता इंटरनेट भारत में ही मिलता है। हालाकि कुछ साल पहले यही इंटरनेट बहुत ज्यादा महंगा था। १ जीबी डाटा की कीमत लगभग १०० रुपया थी। लेकिन जिओ के आने के बाद भारत के इंटरनेट यूजर को पता चला कि पहले इंटरनेट कि कंपनी कितनी लूटा करती थी। जिओ के आने के बाद भारत में इंटरनेट के दर तेजी से नीचे गिर गए। और आखिर में सबसे कम कीमत ६ रुपए प्रति जीबी के दर से इंटरनेट की सेवा मिलने लगी ।

क्या भारत में internet के दर फिर से बढ़ने वाले है
Internet price


लेकिन कुछ दिन पहले एयरटेल के सीईओ ने एक मुलाकात के वक्त इसका खुलासा किया कि इंटरनेट की दरे यूहीं कम बनी रही तो यह मोबाईल इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनी के भविष्य के लिए हानिकारक है। लेकिन सिर्फ एक कंपनी के दर बढ़ाने से कोई फायदा नहीं होने वाला अगर इंटरनेट की दरें बढ़ाने ही है तो सारे टेलीकॉम सेक्टर को बढ़ानी पड़ेगी तभी यह संभव है अन्यथा कीमत बढ़ाने वाली कंपनी को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा और कीमत काम कम रखने वाली कंपनी इसका सारा फायदा ले लेगी। लेकिन फिर भी भविष्य को ध्यान में रखते हुए इंटरनेट की कीमत बहुत कम रखना बेहद हानिकारक है। हालाकि इंटरनेट के दर बढ़ेंगे इसका कोई ठोस बयान अभी तक नहीं आया है। यह केवल एक अनुमान है कि अगर कोई कंपनी घाटे में जाती रही तो इंटरनेट के दर बढ़ाने पड सकते है।

इंटरनेट का मालिक कौन है? यह कैसे काम करता है?

कीमत कम रखने की वजह से कंपनी के पास भविष्य में आने वाले प्रोजेक्ट में लगाने के लिए पैसे की कमी रहेगी। जैसे कि अगर कंपनी को ४ जी से ५ जी मे अपनी सेवा बदलनी है तो इसके लिए बहुत ज्यादा खर्चा आता है। हर एक टॉवर पर ५ जी के उपकरणों को जोड़ा जाता है। और यह सब पूरे देश में होता है इस वजह से ऐसे कामो में बहुत ज्यादा लागत लगती है। लेकिन अगर कंपनी बहुत सस्ते दर पर इंटरनेट मुहैय्या कराती है तो आगे जाकर कंपनी को पैसों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में कंपनी को कर्ज लेने की आवश्यकता पड़ेगी और कंपनी पर आर्थिक भार और बढ़ेगा लेकिन मुनाफे के वृद्धि होगी या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है। इस वजह से कंपनी घाटे में जा सकती है। और यदि कुछ सहायता नहीं मिल सकी तो आखिर कंपनी को बंद करने की आवश्यकता भी पड सकती है।

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