शिवनेरी किला छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्मस्थान | Shivaneri kila

शिवनेरी किला छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्मस्थान

शिवनेरी किले का नैसर्गिक स्थान 

 किला 17 वीं शताब्दी का सैन्य दुर्ग है जो भारत के महाराष्ट्र में पुणे जिले के जुन्नर के पास स्थित है। यह मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म स्थान है। जुन्नर गाव शक राजा नहपान के राज्य की राजधानी थी। सातवाहन के राजा गौतमी पुत्र सातकर्णी ने शक राजा पर आक्रमण करके ये किला हासिल किया था।

Shivaneri fort image
शिवनेरी किल्ला फोटो

शिवनेरी किले का भारत और महाराष्ट्र के इतिहास मे बडा ही महत्वपूर्ण स्थान है। शिवनेरी किले पर हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपती शिवाजी महाराज का जन्म १९ फेब्रुवारी १६३० मे हुआ था। १६०० के शतक मे हिंदुस्थान मे मुगल,निजाम,और आदिलशाही का राज हुआ करता था। और जब भारत भारत नहीं बल्कि अखंड हिंदुस्थान हुआ करता था। तब  इन्होंने ही हिंदुस्थान को हिंदुस्थान बनाये रखने मे सबसे बडा योगदान दिया। छत्रपती शिवाजी महाराज ने अपना पुरा जीवन मुगल,निजाम और आदिलशाही से भारत को मुक्त कराने मे और भारत मा की सेवा मे बिता दिया। और इनकी ही वजह से शिवनेरी किले को इतिहास मे इतना बड़ा स्थान मिला है। हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने शिवनेरी किले के विकास के लिए २३ करोड रुपए देने की घोषणा करी है।

शिवनेरी का इतिहास

पुराने समय मे नाणेघाट का व्यापारी मार्ग बहुत ही प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण हुआ करता था। बहुत से व्यापारी इस भारत मे व्यापार के लिये इसी मार्ग पर निर्भर हुआ करते थे। इसीलिए बहुत से राजाओं ने इस रास्ते पर अपनी शक्ती को बनाए रखने के लिए किलो का निर्माण कराया था। उन्हीमे से एक किला है शिवनेरी का शिवनेरी किला पर सबसे पहले शाक उसके बाद सातवाहन,चालुक्य,और राष्ट्रकुट के राजाओ ने शासन किया था। यादवो के काल मे शिवनेरी किला को एक अहम और विशाल किला होने का मान मिला और उनके ही समय मे शिवनेरी को इसका नाम मिला।  नाणेघाट के व्यापारी मार्ग मे जुन्नर नाम का गाव हुआ करता था। आज वहीं जुन्नर महाराष्ट्र मे बड़ा मशहूर शहर है। वहां पर व्यापार के लिहाज से अच्छा बाजार था। और शिवनेरी किला इसी कसबे के पास था। इसलिए शिवनेरी के किले को अद्वितीय महत्त्व प्राप्त था।

शिवनेरी किले पर देखने लायक जगह

पर्यटन के लिहाज से शिवनेरी पर बहुत से देखने लायक चिजे/स्थान है। पुणे से लगभग ९० किमी की दूरी पर जुन्नर नामक तालुका स्थान है। वहाँ से २ किमी की दूरी पर यह किला है। सड़क मार्ग से जाना सबसे अच्छा तरीका है।

शिवनेरी किले के दरवाजे

शिवनेरी किले मे कुल मिलाकर सात दरवाजे है। यह दरवाजे अलग अलग समय पे अलग अलग वंशो ने बनाये थे।

१ महा दरवाजा

यह महा दरवाजा पुणे के पेशवा ने बनाया था। 

२ गणेश दरवाजा

भगवान गणेश जिन्हें मराठी में गणपति भी कहा जाता है उनके नाम से इस दरवाजा का नाम है। हिंदुओ में कोई भी शुभ कार्य भगवान गणेश जी के पूजा के बिना नहीं होता है। 

३ पीर दरवाजा

यह पीर दरवाजा बहमनी काल में बनाया गया था। और अभी भी बहुत अच्छी हालत में इसे देखा जा सकता है।

४ यादव दरवाजा

 यह दरवाजा यादव राज्य की शिवनेरी किले पर एकमेव निशानी मौजूद है।

५ हत्ती दरवाजा

हत्ती दरवाजा शिवनेरी किले का सबसे मजबूत और बडा दरवाजा है। 

६ सिपाही दरवाजा

७ कुलुप दरवाजा

शिवाई देवी मंदिर

छत्रपती शिवाजी महाराज की माताजी जिजाबाई ने शिवाई देवी के मंदिर में मन्नत मांगी थी। की अगर उन्हें पुत्र प्राप्ति होती है। तो उसका नाम देवी के नाम पर रखेंगे इसी वजह से महाराज का शिवाजी यह नाम पडा। यह मंदिर तेजल शिवनेरी किले पर मौजूद है। 

अंबरखाना 

तेजल मला शिवनेरी किला
Ambarkhana- शिवनेरी किल्ला

अंबर खाना वह जगह होती है जहां खाने पिने की या रसद रखने कि सुविधा होती है। अगर किसी कारणवश किले को बहुत दिनों के लिए बंद रखना पड़े या फिर दुश्मन द्वारा किले को घेरे जाने पर किले पर मौजूद लोगो को खाने पीने की चीजो की कमी ना हो इसलिए किले पर पहले ही बहुत सारी रसद जमा करके रखी जाती थी।

गंगा जमुना पानी कि टंकी

गंगा जमुना पानी की टंकी शिवनेरी किला
गंगा जमुना पानी की टंकी

शिवाजी महाराज का जन्मस्थान

एकच राजा इथे जन्मला शिवनेरी किला
शिवनेरी किला

जन्मस्थान कि इमारत के अंदर शिवाजी महाराज की एक मुर्ती और एक पालना रखा हुआ है। अपने जन्म के बाद दो साल तक बाल शिवाजी यहापर रहे। बाद में 
शिवाजी महाराज ने रायगढ़ किला को राजधानी बनाकर वहीं रहने लगे।

कड़ेलोट टोक

Kadelot tok शिवनेरी fort
कड़ेलोट टोक शिवनेरी किला

गुन्हेगार लोगो को यहापर लाकर यहासे निचे फेक दिया जाता था। जिसे भी म्रत्यु दंड की शिक्षा सुनायी जाती थी। उसे इस कडेलोट टोक से निचे फेक दिया जाता था।

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