मकर संक्रांति क्यो मनायी जाती है जान ले

मकर संक्रांति

मकर संक्रांति हर साल मे,जनवरी अंग्रेजी महिने में और मराठी पौष महिने मनाई जाती है। मकर संक्रांति ये त्योहर भारत के ज्यादा तर राज्यो मे मनाया जाता है। कई जगह पर मकर संक्रांति को उतरयान भी  कहा जाता है। हर साल मकर  संक्रांति अलग-अलग वाहनो पर, विविध प्रकार वस्त्र पहनकर प्रवेश करती है।
मकर संक्रांति क्यो मनायी जाती है
Happy Makar Sankranti


 जनवरी से अच्छे दिन की शुरुवात होती है, ऐसा इसलिये की सूर्य धनु राशी से मकर राशी मे प्रवेश करता है। मकर संक्रांति इसी वजह से मनाई जाती है। ऐसा भी माना जाता है, की मकर संक्रांति के बाद सर्दीयो को दिन कम होने लगते हैं,और दुसरा मौसम शुरू होता है। मकर  संक्रांति एक रंग पेहेन कर आती है, जिसे अशुभ माना जाता है, उस दिन महिलाये उस रंग के कपडे नही पहनती।
इसी दिन पुण्य का काम करना पवित्र माना जाता है। इस दिन लोग दान-धरम करते है। मकर संक्रांति के दीन कई राज्ये में बहुत उत्साह के साथ पतंग भी उडाई जाती है। 
गंगा स्नान को उस दीन पवित्र माना जाता है।
ये दीन सुख-शांति का दिन माना जाता है। धार्मिक और सांस्कृतिक दोनो ही दृष्टिकोन से मकर संक्रांति पर्व खास महत्त्व रखता है। पौराणिक कथा वो अनुसार इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि के घर जाते है। यह पर्व पिता-पुत्र के अनुखे मिलन को दर्शाता है। मकर संक्रांति के दौरान तिल और गुल से बने मिठे लड्डू या अन्य मिठे पकवान बनाने की परंपरा हैं।

और आखिर मे आप सब को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं

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टिप्पणियां

  1. मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं 🍪 तिळगुळ घ्या गोड गोड बोला🍪

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